कुछ ख्वाहिशें लफ़्ज़ों की मोहताज नहीं होतीं… बस एक एहसास बनकर दिल में छुपी रहती हैं।
यह कहानी है दो ऐसे दिलों की, जिनके बीच रिश्ता तो अनजाना था, मगर एहसास बेहद अपना। कुछ अधूरी बातें, कुछ अनकहे जज़्बात और एक ऐसी ख्वाहिश… जिसे दिल चाहकर भी ज़ुबां पर नहीं ला पाया।
क्या ये अनकही ख्वाहिश कभी पूरी होगी?
जानने के लिए पढ़िए—“अनकही ख्वाहिश” ❤️