"तेरे बिना त्योहार" एक भावनात्मक कहानी है, जिसमें एक CRPF जवान दीपावली पर भी देश की सुरक्षा में तैनात है। उसकी पत्नी अपने आँसू छिपाकर बच्चों की मुस्कान बनाए रखती है। परिवार का त्याग, इंतज़ार और फौजी का कर्तव्य इस कहानी को हर भारतीय के दिल से जोड़ देता है।