हर कहानी अपने भीतर एक रहस्य छिपाए होती है। यह भी उन्हीं में से एक है। उम्मीद है, सफ़र का हर पन्ना आपको अंत तक बाँधे रखेगा।
सबसे पहले मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बता दूं।
उसका नाम काजल है।
वो थोड़ी सांवली रंग की है लेकिन उसका 28-30 का फिगर बहुत मस्त है।
उसकी लंबाई पांच फीट है।
उसका गांव मेरे घर से करीब 25 किलोमीटर दूर है।
अब शुरू होती है असली कहानी।
करीब सात साल पहले की बात है।
काजल की मां का देहांत हो गया था।
वो घर से थोड़ी आर्थिक रूप से कमजोर थी इसलिए उसके पापा ने उनकी मौत के बाद डेथ क्लेम के लिए आवेदन किया लेकिन वो आगे पास नहीं हो रहा था।
तभी मेरी मुलाकात उनसे हुई।
उन्होंने मुझे सारी बात बताई।
मैंने उन्हें आश्वासन दिया, “मैं आपका काम छह महीने के अंदर करवा दूंगा!”
उन्होंने मेरे नंबर लिए और मुझे काम सौंपकर चले गए।
मैं उनके काम में लग गया।
करीब दस दिन बाद मेरे पास एक कॉल आया।
एक लड़की बोल रही थी।
उसने अपने पापा के नाम से खुद का परिचय दिया।
मैं तुरंत पहचान गया कि ये उनकी बेटी है।
वो बहुत प्यारी हंसी के साथ मेरे साथ बात कर रही थी।
मुझे काम की अपडेट पूछ रही थी।
बात पूरी होने से पहले उसने बताया, “ये मेरा नंबर है। कोई भी बात हो तो इस नंबर पर कभी भी कॉल कर सकते हो
उस दिन पूरी रात मेरे कानों में उसकी मधुर आवाज घूमती रही।
वो मेरे दिल और दिमाग में बस गई।
अब रोज किसी न किसी बहाने से बात होने लगी।
धीरे-धीरे बातें आगे बढ़ीं।
मैंने बिना देखे ही, सिर्फ उसकी मधुर आवाज के आधार पर उसे प्रपोज कर दिया।
लेकिन उसने केवल अच्छे दोस्त तक ही रिश्ता रखने की मंजूरी दी।
मैं बहुत खुश हुआ।
कम से कम कुछ तो बात बनी।
रोज हंसी-मजाक की बातें होते-होते दो साल हो गया।
अब तो ऐसी आदत हो गई थी कि दिन में और रात में जब तक एक-दो घंटे बात नहीं होती, नींद ही नहीं आती थी।
फिर एक दिन मैंने उसे मिलने के लिए कहा।
उसने जल्दी ही मिलने का वादा किया।
कुछ दिनों बाद एक दिन उसने दिन में कॉल किया और मुझसे पूछा, “कहां हो?”
मैंने कहा, “यहीं हूं घर पर।”
उसने कहा, “आप बस स्टैंड आ जाओ।”
मैं जल्दी से बस स्टैंड पहुंच गया।
वह अपनी फ्रेंड के साथ आई थी।
मैंने कॉल करके कन्फर्म किया क्योंकि हमने आज से पहले एक-दूसरे को नहीं देखा था।
उसके होंठों पर लिपस्टिक लगी हुई थी, जिससे उसके लिप्स बहुत सुंदर लग रहे थे।
हमने साथ में चाय-कॉफी पी।
थोड़ी देर मिलने के बाद हम एक-दूसरे से जुदा हुए।
घर जाकर उसने कॉल करके खूब सारी बातें कीं।
ऐसे करते-करते दो साल बीत गए।
फिर एक दिन मैंने उसे अकेले कहीं बाहर घूमने के लिए कहा।
वो राजी हो गई।
हम दोनों बाइक पर घूमने चले गए।
वहां हमने खूब मस्ती की।
वापस आते समय मैंने उसे होटल में साथ रुकने के लिए कहा।
वो शायद मेरा इरादा समझ गई थी।
उसने हां कर दी लेकिन समय पर घर चलने की हिदायत भी दे दी।
मैंने कहा, “बस थोड़ी देर में ही होटल से वापस आ जाएंगे!”
मैंने पास के एक होटल में रूम बुक किया और हम रूम में आ गए।
रूम लॉक करते ही मैंने उसे जोरदार हग किया।
उसने भी मेरा साथ दिया और मुझे कसकर पकड़ लिया।
फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उसके होंठों को चूसना शुरू किया।
वो गर्म हो गई और मेरा साथ देने लगी।
मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसकी सलवार उतारने लगा।
उसने मेरा साथ दिया और सलवार उतार दी।
अब मैंने उसके सूट को भी उतार दिया।
अब वो मेरे सामने केवल अंडर वियर और ब्रा में थी।
मैं उस पर टूट पड़ा।
ऊपर से उसके बूब्स को मसलने लगा और अंडर वियर पर हाथ फेरने लगा।
वो और भी ज्यादा गर्म हो गई और मुझे कसके बाहों में भर लिया।
अब मैंने उसके अंडर वियर और ब्रा भी उतार दिए।
बिना कपड़ों के कर दिया।
अब मेरे सामने वो बिल्कुल नंगी थी।
मैंने उसकी चूत पर अपना मुंह लगा दिया और जोर से चाटने लगा।
उसने मेरा सर पकड़ लिया और बाल नोचने लग गई।
मैंने करीब दस मिनट तक उसकी चूत को चाटकर लाल कर दिया।
साथ में उसके बूब्स को भी दबा-दबाकर लाल कर दिया।
अब वो बिना पानी की मछली की तरह तड़पने लगी।
मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सेट कर दिया।
तो उसने मुझे धीरे से कहा, “मेरा पहली बार है। धीरे-धीरे करना!”
मुझे विश्वास नहीं हुआ कि ये उसका पहली बार है।
मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सेट करके हल्का सा धक्का मारा।
मेरा आगे का हिस्सा उसकी चूत में चला गया।
वो चीख पड़ी और आंखों से आंसू आ गए।
वास्तव में उसकी चूत बहुत टाइट थी।
मैं काजल की चुदाई करते हुए थोड़ी देर रुका।
फिर एक जोर का झटका लगा दिया।
मेरा आधा लंड उसकी कसी चूत में चला गया।
अब उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई।
थोड़ी देर में उसका दर्द कम हुआ।
मैंने फिर एक जोर से धक्का मारा।
मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया।
उसने मुझे हाथ जोड़कर अपना लंड निकालने के लिए रोने लगी।
मैंने उसके होंठों पर किस करना शुरू कर दिया।
अब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ।
मैंने धीरे-धीरे अपना लंड आगे-पीछे करना शुरू कर दिया।
अब उसे भी मजा आने लगा।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी।
थोड़ी ही देर में उसकी चूत से छप-छप की आवाज आने लगी।
वो एक बार झड़ गई।
मैंने अपना काम चालू रखा।
करीब बीस मिनट बाद मैं भी उसके अंदर ही झड़ गया।
जब मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला तो पूरा खू.न से लथपथ था।
ये देखकर वो डर गई।
मैंने उसे समझाया, “पहली बार में ऐसा सभी के साथ होता है!”
फिर हमने एक-दूसरे को साफ किया और घर के लिए रवाना हो गए।
उसके बाद जब भी हमारा मन होता, हम घंटों तक साथ रहते और सेक्स का मजा लेते।