सांझ
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सांझ
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
वो सांझ धुँधली सी, वो आसमान लाल था, हर चेहरे पर एक बेफ़िक्र सा सवाल था। क्या वो सांझ लौट के आएगी ??
: Erica
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