प्रेम
प्रेम तेरी आँखों का वो नशा है,
जो हर शाम को सवेरा कर देता है।
तेरे होंठों की हल्की-सी मुस्कान,
मेरे दिल में हज़ारों फूल खिला देती है।
जब तू पास होती है,
हवा भी गुनगुनाने लगती है।
तेरी ज़ुल्फ़ों की छाँव तले,
धड़कन भी मुस्कुराने लगती है।
तेरा नाम लबों पर आए,
तो मौसम महकने लगता है।
तेरा हाथ मेरे हाथ में हो,
तो हर सफ़र जन्नत-सा लगता है।
ना चाँद चाहिए, ना सितारे,
ना कोई ख़्वाब सुहाना है।
बस तेरा साथ उम्रभर मिले,
यही मेरे प्रेम का तराना है।