तुमसे मिलकर ❤️🌸
तुमसे मिलकर ऐसा लगा,
जैसे जीवन को सवेरा मिल गया।
सूनी राहों के हर मोड़ पर,
उम्मीदों का बसेरा मिल गया।
तेरी मुस्कान की रौशनी ने,
मन का हर अँधियारा मिटाया।
टूटे हुए इन सपनों को,
फिर से जीना तुमने सिखाया।
तेरी बातों की सादगी में,
अपनापन सा घुल जाता है।
हर दर्द मेरा पल भर में,
मुस्कान बनकर ढल जाता है।
तुमसे मिलकर जाना मैंने,
रिश्ते दिल से बन जाते हैं।
बिन बोले भी कुछ अपने,
सब कुछ समझ जाते हैं।
जब भी मन थोड़ा थक जाता,
तेरी याद सहारा बनती है।
बुझती हुई उम्मीदों में,
नई किरण उतारा बनती है।
तेरा साथ किसी दुआ जैसा,
जो हर पल साथ निभाता है।
गिरने से पहले ही मुझको,
हिम्मत देकर उठाता है।
तेरी हँसी की मीठी धुन से,
हर मौसम महक जाता है।
सूखा हुआ दिल का आँगन,
फूलों सा चहक जाता है।
अब हर सुबह सुनहरी लगती,
हर शाम सुहानी लगती है।
तेरी यादों की चाँदनी में,
हर रात कहानी लगती है।
तुमसे मिलकर समझा मैंने,
जीवन कितना प्यारा होता है।
सच्चे दिल का साथ मिले तो,
हर ग़म भी हारा होता है।
अगर कभी फिर दुआ माँगूँ,
बस इतना वरदान मिले।
हर जन्म में तेरा ही साथ,
हर पल तेरा सम्मान मिले।
तुम मेरी सबसे प्यारी दुआ,
तुम मेरी सबसे सुंदर खुशी।
तुमसे मिलकर पाया मैंने,
ज़िंदगी की सच्ची बंदगी।
तेरा नाम रहे इन साँसों में,
तेरी याद रहे हर पल।
तुमसे मिलकर ही जाना,
प्यार बनाता जीवन सफल।
✍️ श्वेता अग्रवाल ❤️🥀