जिंदगी का सफ़र🥀🥀
ज़िंदगी का सफ़र आसान कहाँ होता है,
हर मोड़ पर कोई नया इम्तिहान होता है।
कभी हँसी की धूप मिलती है,
तो कभी ग़म की लंबी शाम होती है।
बचपन की मासूम हँसी से शुरू होता है,
सपनों का एक छोटा-सा जहाँ होता है।
फिर उम्र के साथ ज़िम्मेदारियाँ आती हैं,
और मुस्कान के पीछे कई कहानियाँ छुप जाती हैं।
हर सुबह एक नई उम्मीद जगाती है,
हर शाम कुछ यादें दे जाती है।
कुछ लोग मिलते हैं राहों में,
कुछ बिना बताए बिछड़ जाते हैं।
कभी जीत का एहसास मिलता है,
कभी हार भी बहुत कुछ सिखाती है।
जो गिरकर फिर संभल जाता है,
वही जीवन का अर्थ समझ पाता है।
रिश्तों की डोर बड़ी नाज़ुक होती है,
प्यार से ही हर दूरी छोटी होती है।
नफ़रत पल भर की आग है,
मोहब्बत उम्र भर की रोशनी होती है।
सपनों को पंख देना सीखो,
मुश्किलों से लड़ना सीखो।
आँधियाँ चाहे जितनी भी आएँ,
अपने हौसलों को थामे रखना सीखो।
वक़्त किसी के लिए रुकता नहीं,
हर पल फिर लौटकर आता नहीं।
जो आज है, उसे जी भर जी लो,
कल का भरोसा कोई देता नहीं।
कभी अपनों की मुस्कान बन जाना,
कभी किसी का सहारा बन जाना।
ज़िंदगी की असली दौलत वही है,
जो किसी के चेहरे की खुशी बन जाए।
सफ़र में ठोकरें भी मिलेंगी,
कभी आँखें भी नम होंगी।
लेकिन उम्मीद का दीप जलाए रखना,
यही जीत की पहली सीढ़ी होगी।
जब मंज़िल करीब नज़र आए,
तब भी घमंड कभी मत लाना।
और जब राह कठिन हो जाए,
तो हिम्मत कभी मत हार जाना।
ज़िंदगी एक बहती नदी है,
जिसका हर मोड़ नया संदेश देता है।
जो मुस्कुराकर इसे जी लेता है,
वही सच में जीवन का आनंद लेता है।
चलते रहो, रुकना मत,
सपनों का दामन छोड़ना मत।
क्योंकि ज़िंदगी का सफ़र खूबसूरत है,
बस उम्मीदों का हाथ छोड़ना मत।
लेखक – श्वेता अग्रवाल ✍️🥀❤️