ज़िंदगी और स्वार्थ
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ज़िंदगी और स्वार्थ
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
"मनुष्य सफलता का श्रेय स्वयं को देता है, लेकिन असफलता का दोष अक्सर भाग्य, ज़िंदगी और ईश्वर पर डाल देता है।" ✨
लेखक : 🪞RUDRA ✨️
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