महबूब या रोटी
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महबूब या रोटी
कविता
शायरी और गज़ल
हेलो दोस्तो यह एक ऐसी रचना है जो अकस्मात मेरे जेहन में आई और मैंने इसे लिख डाला
: Gulshan
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