यह कहानी है कबीर और सिया की। कबीर पेशे से एक बेहद व्यस्त और नामी कार्डियोलॉजिस्ट (दिल के डॉक्टर) थे, जो दिन-रात लोगों के बीमार दिलों को ठीक करने में लगे रहते थे। लेकिन खुद उनका दिल? वह बिल्कुल शांत, गंभीर और भावनाओं से दूर रहता था। अस्पताल की दीवारों और धड़कनें नापने वाली मशीनों के बीच जैसे वे अपनी खुद की जिंदगी जीना भूल गए थे।