रात के ठीक 12:00 बजे थे।
डॉक्टर युवराज ने अभी-अभी अपनी लंबी नाइट शिफ्ट पूरी की थी। थकान उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी, और वह बस यही सोच रहा था कि कुछ देर आराम मिल जाए।
लेकिन तभी अचानक पूरा अस्पताल तेज़ इमरजेंसी अलार्म की आवाज़ से गूंज उठा।
युवराज एक पल के लिए रुका।
हॉस्पिटल में उस समय ज्यादा स्टाफ मौजूद नहीं था, क्योंकि कुछ ही समय पहले एक बड़ा बस एक्सीडेंट हुआ था और लगभग सभी सर्जन उसी केस में लगे हुए थे।
स्थिति गंभीर थी।
अलार्म की आवाज़ सुनते ही युवराज बिना समय गंवाए इमरजेंसी वार्ड की ओर भागा।
कुछ ही मिनटों में एक एंबुलेंस अस्पताल के बाहर आकर रुकी।
एंबुलेंस के अंदर एक 24 साल का लड़का था।