मानव सभ्यता, जो कभी पृथ्वी की मिट्टी से जुड़ी थी, अब अंतरिक्ष के एक बेजान नीहारिका में अपने ही बनाए लोहे के पिंजरे में कैद है। ‘शाश्वत यात्रा’ के नाम पर।
'शाश्वत यात्रा' नाम सुनने में जितना आशावादी लगता है, वास्तविकता उतनी ही विडंबनापूर्ण है।
चलिए बात शुरू करते है।