जरा रुको तो, तुम सुनो तो सही
तुम एक दफा मुझे देखो तो सही
मुझसे क्या गलती हुई, मुझे बताओ तो सही
अगर मैं गलत नहीं, तो तुम मुझे मनाओ तो सही
यूँ बिना बोले बस छोड़ कर चले जाना सही तो नहीं
तुम कहते थे तुम सिर्फ मेरे हो तो क्या अब तुम मेरे नहीं
जरा रुको तो, तुम सुनो तो सही.......
ये रोती बिलखती आँखे, जिनमे सिर्फ तुम रहते हो उन्हें देखो तो सही
इन फड़फड़ाते होठों के पीछे,रूह से निकलती आवाज तुम सुनो तो सही
कुछ खता हुई हमसे तो, उसकी माफ़ी हमें दो तो सही
यूँ मेरे बिखरते एअहसासों को, तुम्हारा कुचलकर चले जाना सही तो नहीं
यूँ तुम्हारे जाने के ख्याल से मेरा टूटकर बिखरना सही तो नहीं
जरा रुको ना तुम सुनो तो सही........
चारुवी.....