कागज़ पर धड़कता दिल...
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कागज़ पर धड़कता दिल...
कविता
प्रेम कहानी
प्यार का इज़हार जब शब्दों में पिरोया जाता है, तो वह कागज़ का टुकड़ा महज़ खत नहीं, बल्कि दिल की धड़कन बन जाता है।
: (ध्रुव तारा )Dr Sanjay Rathod
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