"दिल और जिंदगी के लम्हे"
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"दिल और जिंदगी के लम्हे"
कविता
कविता
"दिल और जिंदगी के लम्हे" केवल समय की इकाइयाँ नहीं हैं, बल्कि यह हमारी भावनाओं का वो कच्चा चिट्ठा हैं जिसे हम हर पल लिखते हैं। कभी ये लम्हे धूप की तरह सुनहरे होते हैं, तो कभी साये की तरह गहरे।
: (ध्रुव तारा )Dr Sanjay Rathod
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