हिसाब वक्त और वफ़ा का...
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हिसाब वक्त और वफ़ा का...
कविता
प्रेम कहानी
वक्त और वफ़ा का रिश्ता बड़ा ही अजीब है। जब वक्त साथ होता है, तब वफ़ा की परख नहीं होती; और जब वफ़ा की ज़रूरत होती है, तब अक्सर वक्त बदल चुका होता है।
: (ध्रुव तारा )Dr Sanjay Rathod
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