ख़ाली पेट और भारी सोच..
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ख़ाली पेट और भारी सोच..
कविता
रोजाना प्रकाशित
ग़रीबी और इंसान की दिमागी जद्दोजहद के बीच के गहरे रिश्ते को दर्शाती कविता:
: (ध्रुव तारा )Dr Sanjay Rathod
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