Ishk hai..magar Jara sa
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Ishk hai..magar Jara sa
गजल
शायरी और गज़ल
आँखों आँखों में सारे जतन हो गये आप तो आप में ही मगन हो गये, कुछ कहे न सुनें बात दिल की कभी कैसे कह दे कि हमरे सजन हो गये
लेखक : Baghi
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