Kalank (कलंक)

client-img

Kalank (कलंक)


कुछ दाग़ जन्म से मिलते है कुछ समाज देता है । लेकिन सबसे बड़ा कलंक सोच का होता है ।जो इंसान की जिंदगी को तबाह कर देता है “कलंक वो नहीं होता जो समाज कहता है । “कलंक वो होता है जो इंसानियत को छोड़ दे।” ऐसी ही यह कहानी है कलंक पढ़िए और बताईए..? क्या है कलंक, समाज ,सोच ,या वो लड़की ?

3

Views

5

Ratings

6 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप