यह कहानी है कशिश अग्निहोत्री की। जिसे अचानक ही विदेश से लौट कर आना पड़ा और उसे अपनी डैड की प्रेसिडेंट की कुर्सी संभालना पड़ा लेकिन प्रेसिडेंट की कुर्सी संभालने के ठीक 2 दिन बाद ही उस पर लगा,खुद के मां-बाप की मौत का इल्जाम और अचानक से ही कशिश हो गई गायब। सभी के दिल में अब कशिश के लिए नफरत जाग उठी थी। कशिश अचानक ही ऐसे गायब हो चुकी थी जैसे वो दुनिया में एक्जिस्ट ही नहीं करती थी। सभी उसे हजारों गालियां और जिल्लतो से नवाज रहे थे। अचानक से ही 6 महीने बाद कशिश की लाश बीच चौराहे पर नग्न अवस्था में मिली। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही था मंजूर भगवान ने जब कशिश को दिया एक नया मौका अपने साथ हुए हर एक हादसे को बदलने का।क्या कशिश पर लगा इल्जाम एक साजिश थी? क्या कशिश ले पायेगी बदला? क्या कोई ऐसा आएगा कशिश की जिंदगी में, जो उसके सारे दर्द की दवा बन कर उसे दर्दों को भुलाने में मदद कर सके ? जानने के लिए पढ़िए "Rebirth - Love and Revenge