कुछ कर्म कांड ऐसे होते हैं ,जिसका हिसाब नियति करती है ! लेकिन कुछ ऐसे भी होते है जिसका हिसाब सहने वाला करता है ! अपने साथ उसी अन्याय का हिसाब लेने सदियो बाद लौटी है हो ! वो जो राख मे मिल देगी राजवंश वंश का नामो निशान ! उनके कर्मो का और खुद पर हुये जुर्म का हिसाब लेने ,लौट ..आई है वो !