रात का समय था। हवेली के आँगन में पीली रोशनी वाले बल्ब झिलमिला रहे थे। बाहर हल्की बारिश हो रही थी और अंदर माहौल में अजीब सा तनाव था।
आज इस हवेली में नई बहू आने वाली थी।
दूल्हा था आर्यन खान, शहर का जाना-माना बिजनेसमैन।
और दुल्हन थी सानिया, एक साधारण लेकिन बहुत खूबसूरत और मासूम लड़की।
जैसे ही कार हवेली के गेट पर रुकी, नौकरों ने दरवाज़ा खोला। सानिया का दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।
“या अल्लाह… सब ठीक करना,” उसने मन ही मन कहा।
जैसे ही वह अंदर आई, सामने उसकी सास रुबिना बेगम खड़ी थीं। उनकी आँखों में अपनापन कम और परखने वाली ठंडक ज्यादा थी।
रुबिना बेगम ने सानिया को ऊपर से नीचे तक देखा और धीमे से बोलीं—
“बहू… हमारे घर की इज्जत संभालना आसान नहीं होता।”