नवाब फारुख सिद्दीकी की वसीयत के मुताबिक… हवेली और सारी जायदाद उनकी बेटी आयरा के नाम है।
कमरे में अचानक खामोशी छा गई।
सबके चेहरे बदल गए।
सबसे ज़्यादा गुस्से में था उसका चचेरा भाई सामीर।
“ये कैसे हो सकता है…? हम भी इस घर के वारिस हैं!”
लेकिन वसीयत साफ थी।
सब कुछ आयरा के नाम।