महिला समाज की दोहरी मानसिकता
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महिला समाज की दोहरी मानसिकता
कविता
कविता
ये कविता समाज के दोहरे आचरण के बारे में बताती है जो महिला समाज की बेड़ियों को स्वीकार कर लेती है वह अच्छी और जो उन्हें तोड़ दे वो बुरी बन जाती है ।
लेखक : Simple Human
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