वक्त
Added Successfully to library!
वक्त
कविता
कविता
ये कविता समय की कीमत और आत्म-सुधार का संकल्प है। बीते हुए पछतावों से सीख लेकर, हर पल को संजोने और खुद को बेहतर बनाने की ठान लेने की कहानी है। अब वक़्त किसी और का नहीं — अपने सपनों और अपने फ़र्ज़ का है।
लेखक : King
Add To Library
10
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप