मैं स्त्री हूँ
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मैं स्त्री हूँ
कविता
कविता सीरीज
मैं स्त्री हूँ… झुकती हूँ संस्कारों में, पर टूटती नहीं हालातों में। आज से मेरी कलम, मेरी पहचान नई उड़ान, नया आसमान.. विश..
लेखक : Vishu
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