कहते हैं इश्क रूहानी हो तो दिल से बस यही शब्द निकलते हैं , हम उसके हमेशा रहेंगे चाहे वो हमारी हो या ना , ये कहानी है कानपुर के दिल में बसे संविधान चौहान और ध्रुवी त्रिपाठी की। जहां संविधान की हर एक सांस पर लिखा है ध्रुवी का नाम। वहीं ध्रुवी है अनजान संविधान की दुनिया से तो क्या रंग लाएगी ये रंगदारी दो दिलों की