क्यूं मैं तुझसे अल्प – कैसे तू मुझसे अपार है

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क्यूं मैं तुझसे अल्प – कैसे तू मुझसे अपार है


ये कविता एक ऐसे शक्श की है जिसको उसका कोई अपना कम में आंकता है जिसका ज़वाब देने के लिए वह शक्श इस कविता को लिख रहा है जो कि कुछ इस प्रकार से है ......

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