काव्यबीर: मोहब्बत की दास्तान
"वो एक अकेली माँ है… ज़िम्मेदारियों और दर्द के बीच घिरी हुई। प्यार से भरोसा उठ चुका है, और जिंदगी बस अपने बच्चे के इर्द-गिर्द सिमट गई है।
लेकिन कभी-कभी किस्मत चुपके से किसी ऐसे इंसान को भेज देती है,जो दिल के बंद दरवाज़े पर धीरे से दस्तक देता है। यह कहानी एक सिंगल मदर की है— जो अपने टूटे विश्वास को फिर से जोड़ने की कोशिश करती है,और सीखती है कि प्यार सिर्फ दर्द देने के लिए नहीं…कभी-कभी दोबारा जीना सिखाने के लिए भी आता है।"