सूरज की पहली किरण
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सूरज की पहली किरण
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
यह कविता नई सुबह की ताज़गी, उम्मीद और सुकून भरे एहसास को दर्शाती है। प्रकृति की कोमल सुंदरता के ज़रिए यह मन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता भर देती है।
लेखक : विजय सांगा
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