यह कविता एक गांव के शहर में बदलने की दर्द भरी दास्तान को व्यक्त करती है, जहाँ मिट्टी की खुशबू, अपनेपन की बाते, बचपन की हँसी, और रिश्तों की गर्माहट हवा हो जाती है।
शहर के रफ्तार में पुरानी मोहब्बतें और अपनापन खो जाते है, लेकिन दिल में अब भी उस पुराने गांव लौट जाने की तड़प है।