मृगतृष्णा:- कहानी ईशान ठाकुर की। सत्ता की,लालसा की। दोस्ती की, प्यार की। दो भाइयों के रिश्तों की।
"मृगतृष्णा" सत्ता के लालच और रिश्तों के बलिदान की एक हृदयस्पर्शी गाथा है। यह कहानी है ईशान ठाकुर की, जो अपने परिवार के खूनी अतीत और सियासत के क्रूर चक्रव्यूह के बीच खड़ा है। जहाँ पिता गजेन्द्र सिंह की सत्ता की भूख ने अपनों का ही सौदा कर दिया, वहीं अर्णव और विहान की निस्वार्थ दोस्ती ने त्याग की एक नई मिसाल पेश की। प्यार, गद्दारी और गुमनामी के अंधेरों से गुज़रती यह कहानी सवाल करती है कि क्या सत्ता की चमक के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई कभी सामने आ पाएगी? या रिश्तों का लहू सिर्फ एक मृगतृष्णा बनकर रह जाएग।