नाम के रिश्ते

client-img

नाम के रिश्ते


ये कविता आज कल के रिश्तों की सच्चाई को दर्शाती है, लोग अपनों को छोड़ कैसे गैरों पर भरोसा करते है, रिश्त बस नाम के ही रह गए है

3

Views

5

Ratings

1

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप