कहते हैं आईना हमेशा सच बोलता है मगर हकीकत यह है कि आईना हमें हमारा ही प्रतिबिम्ब दिखाता है। जैसा हम सोचता हैं, जैसा हम करते हैं ठीक वही आईने में प्रतिबिम्ब दिखाता है। मगर निमेष सिंह के साथ भविष्य में जो होने वाला था उसकी किसी ने कभी कल्पना में भी कल्पना नहीं की होगी।
आईनों की दुनियाँ में निमेष ऐसा उलझा की उसकी ज़िन्दगी तबाह होने कि कगार पर पहुँच चुकी थी। ऐसे में उसके साथ क्या हुआ इस कहानी को जानने का सफर है “आईनों की दुनियाँ"