अर्धांगिनी : THE स्त्री तांडव
कहते है एक स्त्री जिस दिन से विवाह के बंधन में बंधती है उसी दिन एक सौगंध खाती है कि वह अपनी जान तक न्यौछावर कर देगी। लेकिन अपने पति पर कोई आंच नहीं आने देगी। एक भारतीय स्त्री अपने पति को परमेश्वर का स्थान देती है और उसके लिए अपनों तक से लड़ जाती है।
वहीं पूर्वांचल की तपती मिट्टी, जहाँ राजनीति और अपराध की साजिशें लगभग हर रोज़ जन्म लेती हैं... इन्हीं साज़िशों को धराशाई करने आ रही है... एक अर्धांगिनी, एक सहचरी, एक चंचल अंदाज की मालकिन और सबसे बड़ी बात एक स्त्री, "कलावती" ये कोई साधारण डरी - सहमी और घबराने, बेबस होने वाली स्त्री नहीं है। ये एक ऐसी स्त्री है जिसने अपने अंदर एक तूफान समेट रखा है।
इस तूफान ने विनाशकारी तांडव का रूप तब धारण किया जब वार उसके अर्धांग यानि उसके पति पर हुआ। तो देखना दिलचस्प होगा एक भारतीय नारी का तांडव...!
"अर्धांगिनी : THE स्त्री तांडव" यह एक ऐसी गाथा है जहाँ एक स्त्री सिर्फ़ सहचरी नहीं, बल्कि शक्ति और विनाश दोनों का प्रतीक बन अन्याय और विश्वासघात से टकरायेगी।
इस कहानी में हमारी मिट्टी से जुड़ी परम्पराएँ और पति - पत्नि का मर्यादित प्रेम और एक स्त्री का सशक्त अंदाज देखने को मिलेगा।
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