सुनो…
अगर कभी मैं खो जाऊँ इस दुनिया की भीड़ में,
तब भी तुम मुझे
याद जरूर करना…
जब कोई पल तुम्हें अकेला कर दे
और दिल भारी लगे,
तो मेरे नाम का एक ख्याल
अपने सीने से लगाना…
जब लोग मुझे ले जाएँ
मेरी आखिरी सफ़र पर,
तुम मेरे लिए
एक फूल अपनी दुआओं से सजाना…
जब कभी मैं आऊँ तुम्हारी याद में
तो अपनी आँखों को
गीला मत करना,
बस महसूस करना मुझे,
जैसे हवा बनकर
मैं तुम्हें छू रही हूँ…
और जब रात के आँगन में
तुम आसमान की ओर देखो,
सितारों की भीड़ में
मैं कहीं नज़र आऊँगी तुम्हें…
तब मुस्कुराना ज़रूर,
क्योंकि वही मुस्कान
मुझे फिर से जीवन दे देगी
उस जहाँ में
जहाँ से लौटकर
कोई नहीं आता…
पर मैं…
मैं आऊँगी तुम्हारी याद बनकर,
तुम्हारी धड़कन में छुपकर…
भले मिट जाए
मेरी निशान यहाँ से
पर तुम्हारे अंदर से नहीं।
तुमसे जो रिश्ता है न.....
वो मिटेगा नही
किसी भी जहान में,
कभी भी नही....
❤❤❤