आपके मन में प्रेम को लेकर अनेकों सवाल उठते होंगे जैसे प्रेम कब जन्म लेता है? प्रेम का शाब्दिक अर्थ क्या है? प्रेम केवल एहसास मात्र ही है या कुछ और? आपके समक्ष प्रस्तुत हैं प्रेम की गहरी आध्यात्मिक परिभाषा दर्शानेवाला मौलिक, वैचारिक एवं भावनात्मक लेख, वो भी उदाहरण के साथ सरल शब्दों में। पढ़िएगा जरूर क्योंकि मेरे हृदय से निकले हुए स्वर है।
~लेखिका अनामिका वाघ (गीत)