यह कहानी है ईशा की, जो अपने दम पर एक छोटी मगर तेज़ी से उभरती हुई रियल एस्टेट कंपनी की मालकिन है। उसका सामना होता है आर्यन से, जो शहर का सबसे बड़ा और निर्दयी बिज़नेस टायकून है। दोनों के बीच जायदाद और सौदों को लेकर ज़बरदस्त दुश्मनी है। ईशा हर हाल में आर्यन को नीचा दिखाना चाहती है, और आर्यन उसे अपने रास्ते से हटाना चाहता है।
लेकिन एक बड़ी जायदाद के विवाद में, जहाँ ईशा के दादाजी एक तरफ हैं और आर्यन दूसरी तरफ, दादाजी को एक क़ीमत चुकानी पड़ती है—उन्हें ईशा को आर्यन के हवाले करना पड़ता है।