टूटी उम्मीदें

client-img

टूटी उम्मीदें


जब भी तेरी याद आती है मैं रो देती हूं, तेरी यादों में बैचेन होकर हर अंधेरी रात मैं खुद को खो देती हूं। सुनना है अगर मेरी दर्द को वो कहानी , मिलों मेरे उपधानम् ( संस्कृत शब्द) से बता देगा वो पूरा मुंह जुबानी।
: Jyoti kumari

10

Views

5

Ratings

2 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप