ये कहानी है सक्षम और आयरा की जहाँ सक्षम का एक 5 साल का बेटा है लेकिन उसकी शादी नहीं हुयी है, वही सक्षम का बेटा अर्णव जिसने कभी अपनी असली माँ मेघना को माँ नहीं माना बल्कि वो उसे आंटी कहता है, जब वो एक दिन आयरा से मिला तो उसे माँ कहने लगा और सक्षम भी आयरा को पसंद करने लगा ऐसे जैसे वो उससे पहले से जुड़ा हो,आखिर क्या वजह है की अर्णव अपनी माँ को माँ न कह कर आयरा को माँ मानने लगा।