मन मौजी
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मन मौजी
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
मन मौजी वो दिल की धड़कन जो किसी नियम को नहीं मानती, कभी आँसू में हँसी ढूंढ लेती है, कभी ख़ामोशी में ज़िंदगी।
लेखक : विजय सांगा
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