“जन्मदात्री एक अधूरी ममता की दास्तान” दो माँओं और एक बेटे की भावनात्मक कहानी है। जहाँ जन्म और पालन एक आत्मा बन जाते हैं। सीता ने प्यार दिया, सविता ने जीवन दिया, और आर्यन दोनों का पुल बन गया। यह मातृत्व की कहानी है जो कभी खत्म नहीं होती, बस अमर हो जाती है।