कहते है चाहे मोहब्ब्त हो क्या नफरत दोनो का ही रंग लाल होता है। ये कहानी ऐसे तीन लोगो की है जिनके शक्सियत है एक दूसरे से बिल्कुल अलग।एक जिसके लिए जिन्दगी का मतलब इश्क, दूसरे के लिए इश्क रब से भी ऊपर और तीसरा ऐसा जो दोनो को ही ना माने। तो क्या होगा जब उलझेंगे इश्क के धागे? ये तीनों उन धागों को सुलझा पायेंगे या खुद उलझ जाएंगे?जाने के लिए पढ़िए Red love