चाँद की रात
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चाँद की रात
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
नीली चूनर ओढ़े अम्बर, तारों से जगमग सारा घर। निशा की गोदी में चुपचाप, बिखर रहा है चाँद का ताप।
लेखक : rani
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