अंधेरे से रोशनी की ओर (दिवाली)
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अंधेरे से रोशनी की ओर (दिवाली)
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
"जब अँधेरा भी मुस्कुरा उठे दीये की रौशनी में — वही तो असली दीवाली है। ✨🪔"
लेखक : Samridhi
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