मोह
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मोह
कविता
कविता
मोह मोह के धागे, ख्वाबों में हमें सताए, जब सामने तुम आते, होश में ना हम होते। तेरी हर एक नजर में, जादू सा कोई छुपा, दिल मेरा खो जाता, तुम पास जब खड़े हो।
लेखक : malwin
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