यह शृंखला है मेरी स्वरचित कविताओं की।
जिसमें दो पंक्तियों का शायराना अंदाज़ प्रस्तुत करते हुए उन्हें एक कविता के रूप में ढालने का प्रयास किया गया है।
आप इसमें शायरी का लुत्फ तो ले ही सकते है साथ साथ कविता का भी।
अगर आपको हमारी यह पेशकश पंसद आए तो आप अपने पंसदीदा विषय जिन पर शायरी की जा सकती है, हमें कॉमेंट में अवश्य बताए।
ताकि हम अगली कविता आपके पंसदीदा विषय पर बनाए।
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