परछाई
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परछाई
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
कभी-कभी इंसान उस साये के पीछे भागता है, जो ना उसका होता है, ना वो ठहरता है कहीं। पर दिल फिर भी उसे पाने की हरदम कोशिश करता है।
लेखक : Geet ka safar ✍️
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