चांदनी रात
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चांदनी रात
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
चांदनी रात में सिर्फ रोशनी नहीं उतरती, उतरता है एहसास, सुकून और बीते पलों की महक। जब आसमान शांत होता है और मन बोलने लगता है, तब हर किरण जैसे आत्मा को छू जाती है , और यही वो पल है, जहां इंसान खुद से मिलने की हिम्मत करता है।
लेखक : Geet ka safar ✍️
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