मैं अपने ही पिंजरे में....
Added Successfully to library!
मैं अपने ही पिंजरे में....
मेरी डायरी
मेरी डायरी
मैं अपने ही पिंजरे में कैद हूँ, जहाँ मेरी ही सोच और डर मुझे बाँध लेते हैं… बाहर निकलने की चाह तो है, पर हिम्मत की डोर अभी कमज़ोर लगती है।🍂
लेखक : Srushti
Add To Library
15
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप